25 लाख के लालच में पिता ने बेटे को मौत के घाट उतरवाया, वकील दोस्त ने कराई थी 2 करोड़ की बीमा
संभल जनपद के बहजोई थाना क्षेत्र में एक पिता द्वारा अपने ही बेटे की हत्या कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पिता बाबूराम शर्मा ने 25 लाख रुपये के लालच में अपने दोस्त अधिवक्ता आदेश कुमार के साथ मिलकर अपने बेटे अनिकेत की हत्या की साजिश रची। अधिवक्ता ने मृतक अनिकेत का दो करोड़ रुपये का बीमा कराया था, जिसे वह पिता के साथ बांटने वाला था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अधिवक्ता ने अनिकेत और उसके पिता को जानकारी दिए बिना उसका 2 करोड़ रुपये का बीमा करा दिया था। इसके बाद, अधिवक्ता ने पिता बाबूराम को 25 लाख रुपये का लालच देकर तीन अन्य लोगों को साढ़े तीन लाख रुपये की सुपारी देकर बेटे की हत्या करवाने के लिए तैयार किया। पिता ने सुपारी लेने वाले हत्यारों को अपने दोस्त वकील के साथ मिलकर बेटे के हवाले कर दिया।
हत्यारों ने युवक को पहले शराब पिलाई और फिर लोहे की रॉड से सिर पर वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद, पिता ने हत्या को एक सड़क हादसा बताने की कोशिश की और पुलिस को कोई शिकायती पत्र देने से इनकार कर दिया। पिता के इस व्यवहार से पुलिस को शक हुआ और जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक अनिकेत का 2 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा था। इसी शक के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया और पूछताछ की। गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने बताया कि बाबूराम शर्मा और अधिवक्ता आदेश कुमार ने मिलकर यह पूरी योजना बनाई थी।
यह भी पता चला है कि बाबूराम शर्मा इससे पहले उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में डकैती के एक मामले में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसकी मुलाकात अधिवक्ता आदेश कुमार से हुई। अधिवक्ता ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बहाने अनिकेत का बैंक खाता खुलवाया और एटीएम अपने पास रख लिया। बाद में, उसने अनिकेत और उसके पिता के नाम पर बीमा पॉलिसी कराई। चूंकि पिता-पुत्र पढ़े-लिखे नहीं थे, इसलिए उन्हें बीमा के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी।
बाबूराम शर्मा के जेल जाने के बाद अधिवक्ता बीमा की किस्तें खुद जमा करता रहा। जेल से रिहा होने के बाद जब बाबूराम ने अधिवक्ता से रुपये उधार मांगे, तो उसने अपनी परेशानी बताई और बदले में बेटे की हत्या करने के लिए 25 लाख रुपये का लालच दिया। उसने बताया कि बीमा के पैसे को दोनों आधा-आधा बांट लेंगे। पिता से सौदा तय होने के बाद अधिवक्ता ने सुपारी किलर को हत्या की सुपारी दी और योजना को अंजाम दिया गया।
