भारत कोई धर्मशाला नहीं: गुलाबचंद कटारिया ने एसआईआर पर की अहम टिप्पणी
पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने रविवार को उदयपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर जारी बहस के बीच एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि सुरक्षा और पहचान से जुड़ी ये प्रक्रियाएं देश की व्यवस्था बनाए रखने और नागरिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।
राज्यपाल कटारिया ने कहा, “जो भारतीय नागरिक हैं, वह यहां सम्मान और खुशहाली से रहें। लेकिन जो बाहरी लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें अपने देश लौट जाना चाहिए। भारत कोई धर्मशाला नहीं है, कोई भी यहां आकर नहीं रहने लगेगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि एसआईआर प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि देश में किसकी पहचान पंजीकृत है, कौन नागरिक है और कौन वर्षों से अवैध रूप से रह रहा है। इससे देश के संसाधनों की सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों को और मजबूत किया जा सकेगा।
इसी अवसर पर, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भाग ले रहे खिलाड़ियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए राज्यपाल ने खेलों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के भविष्य को अनुशासित और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि आत्मविश्वास, टीम भावना और अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण गुण भी विकसित होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स जैसी प्रतियोगिताएं देश की युवा प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही हैं, जिनसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे।
राज्यपाल की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश के 12 राज्यों में एसआईआर अभियान जारी है, जिसका उद्देश्य अवैध प्रवासियों की पहचान करना और उन्हें निर्वासित करना है। इस प्रक्रिया को लेकर विभिन्न स्तरों पर बहस चल रही है।
