उत्तराखंड सरकार का गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा, मूल्य में की 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि
उत्तराखंड सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के अनुसार, अब अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 405 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 395 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। पिछले पेराई सत्र में यह मूल्य क्रमशः 375 रुपये और 365 रुपये प्रति क्विंटल था।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण को गति देना और यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो। उन्होंने बताया कि यह मूल्य वृद्धि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर की गई है। मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया में सहकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, किसान संगठनों और अन्य हितधारकों से विस्तृत विमर्श किया गया। साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एफआरपी (फेयर एंड रेमनरेटिव प्राइस), उत्तर प्रदेश में प्रभावी गन्ना मूल्य और राज्य की विशिष्ट भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों का गहन विश्लेषण करने के बाद ही यह संतुलित निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक निर्णय में किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। गन्ना किसानों की आय बढ़ाना, उनकी उपज का उचित सम्मान सुनिश्चित करना और उन्हें सुविधाजनक, पारदर्शी एवं समयबद्ध भुगतान उपलब्ध कराना सरकार का परम दायित्व है। उन्होंने संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें समय पर भुगतान मिले। यह कदम राज्य के गन्ना किसानों के लिए आर्थिक रूप से काफी मददगार साबित होगा और उन्हें खेती के लिए प्रोत्साहित करेगा।
