बिहार में कांग्रेस का बड़ा फैसला: महागठबंधन से हो सकती है अलग
बिहार विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी एक बड़े राजनीतिक फैसले की ओर बढ़ती दिख रही है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी नए साल में बिहार में महागठबंधन से अलग हो सकती है और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर सकती है। इस बड़े फेरबदल की आधिकारिक घोषणा नए साल में होने की उम्मीद है।
हाल ही में 27 नवंबर को दिल्ली में हुई एक अहम समीक्षा बैठक में, कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व ने चुनाव में पराजित हुए सभी उम्मीदवारों से बंद कमरे में मुलाकात की। इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल ने बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ कई दौर की चर्चा की।
बैठक में शामिल बिहार कांग्रेस के एक प्रमुख नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पार्टी अब बिहार में अपनी जड़ों को मजबूत करने और नए सिरे से आधार तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि राहुल गांधी ने भी इस दिशा में पार्टी को आगे बढ़ने का इशारा दिया है।
पार्टी की रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए, अब EBC-OBC वर्ग को साधने के बजाय अपने पारंपरिक वोट बैंक पर लौटने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार, इस चुनाव में पार्टी ने जिस तरह से नीतीश कुमार के कोर वोट बैंक EBC को लुभाने की कोशिश की, उससे पार्टी को अपेक्षित लाभ की जगह नुकसान ही हुआ। अब शीर्ष नेतृत्व ने यह संकेत दिया है कि पार्टी अपने पुराने और मजबूत वोट बैंक, जिसमें मुस्लिम, दलित, भूमिहार और ब्राह्मण समुदाय शामिल हैं, पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसी वोट बैंक के सहारे कांग्रेस ने लंबे समय तक बिहार की सत्ता में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।
हार के बावजूद, प्रदेश नेतृत्व में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी को जिम्मेदारी दी गई थी, इसलिए हार की पूरी जिम्मेदारी उन पर नहीं डाली जा सकती। केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि उन्हें काम करने के लिए अधिक स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।
संगठन में भी नए चेहरों को मौका दिए जाने की संभावना है। पार्टी राज्य में संगठन को नवजीवन देने की योजना बना रही है, जिसमें युवाओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रदेश से लेकर प्रखंड स्तर तक नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। उल्लेखनीय है कि अन्य सभी दलों ने अपने विधायक दल के नेता का चयन कर लिया है, लेकिन कांग्रेस में यह प्रक्रिया अभी भी बाकी है। सूत्रों के अनुसार, इस पद पर भी नए नेतृत्व को अवसर मिल सकता है, जिससे पार्टी में नई ऊर्जा का संचार होगा।
दिल्ली के तिगड़ी एक्सटेंशन में भीषण आग, तीन की मौत, दो घायल
मैकाले की मानसिकता से मुक्ति: 2035 तक शिक्षा में भारतीय जड़ों को जोड़ने की मुहिम
Lenskart का मुनाफा 19.6% बढ़ा, Q2 FY26 में शानदार प्रदर्शन
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ओटीटी पर इस दिन होगी स्ट्रीम, नेटफ्लिक्स पर होगी रिलीज
आप के दो बार के विधायक राजेश गुप्ता भाजपा में शामिल, भावुक हुए
दिल्ली में जन्मदिन से ठीक पहले युवक की गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार
न्यायिक स्वतंत्रता पर भारत का ‘स्वदेशी’ विचार: चरपाई का अनोखा दृष्टांत
दिल्ली में पिस्तौल की नोक पर लूट का खुलासा, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
