29 नवंबर 2025: शनिवार का पंचांग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल
29 नवंबर 2025, शनिवार का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार विशेष महत्व रखता है। इस दिन मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है, जो देवी दुर्गा की पूजा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके साथ ही, यह दिन कर्मफलदाता शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए भी अत्यंत शुभ है। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है, जो न्याय और कर्म के देवता के रूप में पूजे जाते हैं।
पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि रात 11 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। इस दिन हर्षण योग सुबह 11 बजकर 5 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके उपरांत बालव करण सुबह 11 बजकर 50 मिनट तक रहेगा, और फिर कौलव करण रात 11 बजकर 15 मिनट तक चलेगा। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर होगा।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, प्रत्येक दिन के अपने शुभ और अशुभ योग होते हैं, जिनका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। शनिवार का दिन होने के कारण, राहुकाल का समय विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है। हालांकि, सटीक राहुकाल का समय दिन के अनुसार बदलता रहता है। शुभ मुहूर्त की जानकारी व्यक्ति को अपने कार्यों को निर्विघ्न संपन्न करने में सहायता करती है।
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का विधान है। ऐसा माना जाता है कि शनिदेव अपने भक्तों को उनके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। इसलिए, इस दिन किए गए अच्छे कर्मों का फल अवश्य मिलता है। पंचांग में दिए गए शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य अधिक फलदायी सिद्ध होते हैं। यह जानकारी पाठकों को दिन की योजना बनाने और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सही समय का चुनाव करने में मदद करेगी।
