मनीषा की मौत का रहस्य: 107 दिन बाद भी हत्या-आत्महत्या के बीच उलझी जांच
भिवानी में एक प्ले स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका मनीषा की मौत का मामला 107 दिनों के बाद भी रहस्य के घेरे में है। यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि यह एक हत्या का मामला है या आत्महत्या का। इस मामले की जांच करीब 85 दिनों से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।
मनीषा के परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है और उनका पूरा संदेह एक नर्सिंग कॉलेज पर है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात की है और उन्हें आश्वासन दिया गया है कि अगले महीने तक मामले का खुलासा हो सकता है।
घटना की शुरुआत 11 अगस्त को हुई जब मनीषा अपने स्कूल में पढ़ाने के लिए गई और वापस घर नहीं लौटी। परिवार ने उसकी काफी तलाश की और बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने अगले दिन, 12 अगस्त को, मनीषा के गुमशुदगी का मामला दर्ज किया। अगले ही दिन, 13 अगस्त को, मनीषा का शव सिंघानी गांव के पास एक नहर के किनारे मिला।
शव के गले पर चोट के निशान देखकर परिवार ने तत्काल हत्या का संदेह जताया। नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों के एक बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच की दिशा को लेकर परिवार में असंतोष रहा है। इससे पहले भी मामले में कई बार पोस्टमार्टम और जांच में बदलाव की खबरें सामने आई थीं, जिससे परिवार का गुस्सा बढ़ता रहा।
फिलहाल, सीबीआई इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। परिवार को उम्मीद है कि सीबीआई जल्द ही सच्चाई सामने लाएगी और दोषी को सजा मिलेगी। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग मनीषा की मौत के पीछे की सच्चाई जानने के लिए उत्सुक हैं।
