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AIFB ने केंद्र सरकार से लेबर कोड वापस लेने की मांग की

By Nov 27, 2025

ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) ने केंद्र सरकार से हाल ही में लागू किए गए चार लेबर कोड को वापस लेने की पुरजोर मांग की है। पार्टी का मानना है कि ये कानून श्रमिकों के हितों के विरुद्ध हैं और उनके अधिकारों का हनन करते हैं। गिरिडीह में AIFB और टीयूसीसी के बैनर तले आयोजित एक धरना प्रदर्शन में इस मांग को उठाया गया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व जिला परिषद सदस्य और AIFB के जिला संयोजक राजेश यादव ने कहा कि ये लेबर कोड श्रमिकों के लिए स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि इन कानूनों को लागू करने से पहले न तो संबंधित श्रमिकों की सहमति ली गई और न ही देश भर के ट्रेड यूनियनों द्वारा दिए गए सुझावों पर गौर किया गया। इसे श्रमिकों पर जबरन थोपा गया है।

राजेश यादव ने आगे बताया कि इन चार लेबर कोड से मजदूरों के अधिकारों का गंभीर हनन होगा। इसके तहत काम के घंटे बढ़ाए जा सकते हैं और महिला श्रमिकों से रात की पाली में भी काम कराने की अनुमति दी जा सकती है। इसके अलावा, अनुबंध पर काम करने वाले मजदूरों की संख्या में वृद्धि और उनकी नौकरी की सुरक्षा का अभाव भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों में मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम वेतन की गारंटी भी नहीं है, और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

AIFB ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इन मजदूर विरोधी लेबर कोड को वापस नहीं लिया गया, तो देश भर के करोड़ों मजदूर एक बड़े आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे। पार्टी ने किसानों द्वारा अपने खिलाफ लाए गए कृषि कानूनों को वापस कराने के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि इस बार भी मजदूरों की एकता के सामने सरकार को झुकना पड़ेगा। AIFB ने इन लेबर कोड के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का भी ऐलान किया है।

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